यहाँ जाने वास्तव में स्कूल को हिंदी में क्या कहते है, क्या सच में स्कूल को हिंदी में विद्यालय ही कहते है
यूँ तो बचपन में हर बच्चा अपनी जिंदगी और शिक्षा की नयी शुरुआत स्कूल से ही करता है. मगर क्या आप जानते है कि स्कूल को हिंदी में क्या कहते है. जी हां आमतौर पर हम लोग इंग्लिश और हिंदी दोनों ही भाषाओ में स्कूल को एक ही नाम से पढ़ते और लिखते है, लेकिन हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि स्कूल को हिंदी में किसी अलग ही नाम से लिखा और पढ़ा जाता है. गौरतलब है कि कुछ लोग स्कूल को विद्यालय भी कहते है. हालांकि शुरुआती दौर में स्कूल को किसी और नाम से पुकारा जाता था. बहरहाल आज हम आपको बताएंगे कि आखिर स्कूल को हिंदी में क्या कहते है. यक़ीनन इसे पढ़ने के बाद आपको भी अपने स्कूल के दिन याद आ जायेंगे.

स्कूल को हिंदी में क्या कहते है ?..
गौरतलब है कि वास्तव में स्कूल को हिंदी में पाठशाला कहते है. जी हां पहले के समय में बच्चे पढ़ने के लिए पाठशाला में ही जाया करते थे. मगर समय के साथ साथ जब पाठशाला का स्तर बढ़ने लगा, तब इसका नाम पाठशाला से हट कर विद्यालय हो गया. वही आज के समय में स्कूल को हिंदी और इंग्लिश दोनों ही भाषाओ में स्कूल के नाम से जाना जाता है. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो समय के साथ साथ स्कूल का सही मतलब और इसका सही अर्थ कही खो सा चुका है. यही वजह है कि आज हम आपको स्कूल का सही मतलब और सही अर्थ बता रहे है. गौरतलब है कि जहाँ पहले के समय में शिष्यों को पढ़ाने के लिए गुरु जी पाठशाला में हमेशा हाजिर रहते थे.
वही आज के समय में उन गुरुओ की जगह टीचर्स या यूँ कहे कि मैम ने ले ली है. जी हां इसमें कोई दोराय नहीं कि आज के समय में केवल स्कूल को पुकारने का तरीका ही नहीं बल्कि स्कूल में पढ़ने का तरीका भी काफी बदल चुका है. शायद यही वजह है कि आज के जमाने में बच्चे केवल पढ़ाई करते है, लेकिन ज्ञान हासिल नहीं करते. बहरहाल आज के समय में बच्चे केवल अच्छे नंबर लाने की होड़ में रहते है, लेकिन जिंदगी का असली ज्ञान किसी किताब से नहीं सीख पाते. हालांकि हम आज की शिक्षा पर कोई सवाल नहीं उठा रहे, बल्कि हम तो केवल कल, आज और कल का फर्क समझा रहे है.
बहरहाल इसे पढ़ने के बाद इतना तो आप समझ ही गए होंगे कि वास्तव में स्कूल को हिंदी में क्या कहते है और इसका वास्तविक नाम क्या है.
दिमागी कसरत से जुडी हुई और भी मजेदार और लेटेस्ट न्यूज़ अब केवल India Alive पर

hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



